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सूपनखा रावन कै बहिनी। दुष्ट हृदय दारुन जस अहिनी॥ पंचबटी सो गइ एक बारा। देखि बिकल भइ जुगल कुमारा॥” 

संवाददाता/ नीरज सिंह यादव 

सूपनखा नासिका छेदन, सीता हरण, सबरी प्रसंग तथा राम हनुमान मिलन, बालि वध आदि रूपों का हुआ मंचन

रामलीला के तीसरे दिन मछरेहटा ब्लाक प्रमुख मिथलेश कुमारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ

मिश्रिख / महर्षि दधीचि रामलीला न्यास मिश्रिख द्वारा मिश्रिख में सोमवार से ब्राइट फ्यूचर एकेडमी दिल्ली द्वारा रामलीला का मंचन दिव्य और भव्य कार्यक्रम चल रहा है । जिसमें कार्यक्रम के तीसरे दिन वनवास में पंचवटी में ठहरे राम लक्ष्मण पर मोहनी तथा विवाह का प्रलोभन देना चाहा जिससे नाराज सूपनखा की नाक काट दी जिससे घायल सूपनखा खर व दूसन के पास जाकर अपनी स्थिति बतलाई जिसके बाद खर दूसन द्वारा राम लक्षमण से युद्ध किया तथा युद्ध में अपने प्राण गंवा दिये। जिसके सूपनखा रावण के पास जाकर रोने लगी जिससे रावण ने राम से बदला लेने के लिये सीता हरण की योजना बनाई, तथा मारिक्ष को स्वर्ण मृग बन कर राम को वन की तरफ ले गया जहां मारीक्ष द्वारा राम के बयान लगने पर राम की आवाज में लक्ष्मण को पुकारा जिससे माता सीता द्वारा लक्ष्मण को वन राम की मदद के लिये भेज दिया। जिसके बाद कुटिया से रावण ने सीता का हरण कर लिया। राम ने सीता माता की खोज में निकल पड़े जहां उनके द्वार सभी जीव जन्तुओं से माता सीता का पता पूछते रहे।
हे खग मृग हे मधुकर श्रेनी। तुम्ह देखी सीता मृगनैनी॥
खंजन सुक कपोत मृग मीना। मधुप निकर कोकिला प्रबीना॥5॥
प्रभू श्री राम किस किस्किन्ध पर्वत के तरफ बढ़ चले जहां माता सबरी के आश्रम पर झूठे बेर खायें सबरी माता द्वारा राम की प्रतीक्षा में सुंदर भजन रामा रामा रटते रटते बीती री उमरिया रघुकुल नन्दन कब आओगे की प्रस्तुति दी।
किष्किंधा पर्वत की तरफ बढ़ते हुए सुग्रीव वी हनुमान जी का मिलन हुआ तथा किष्किंधा नगरी के राजा बाली बालिका वध कर दिया वध किया तथा सुग्रीव को राज पाठ देने के बाद श्रीराम सीता की खोज में आगे निकल पड़े। कार्यक्रम के समापन के उपरांत भगवान राम की आरती के लिए न्यास अध्यक्ष राजीव ओझा मनोज पांडे भास्कर मिश्रा रामकिंकर पांडे ब्लॉक प्रमुख मिश्रित उपजिलाधिकारी शैलेन्द्र मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता राम बक्स सिंह आदि न्यास के सदस्य मौजूद रहे।

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