बबुआ के PDA का, बुआ ने निकाल ली तोड़, मायावती की चुनावी माया में फंसे अखिलेश!

Last Updated:October 10, 2025, 19:13 IST
Mayawati News: बसपा सुप्रीमो मायावती यह बखूबी जानती है कि पिछले कुछ चुनावों से जो दलित-महादलित वोट बंट रहे हैं, अगर वो रुक जाएं तो बसपा को आगामी चुनावों में सीधा फायदा होगा. यही वजह थी कि मायावती रैली के मंच से लोगों को बार-बार समझाने की कोशिश कर रही थीं की सपा और कांग्रेस हाथों में संविधान लेकर आरक्षण बचाने का नाटक कर रही है.
बसपा चीफ मायावती ने दिखाई राजनीतिक ताकत.
लखनऊः चुनाव 2027 का हो या फिर पंचायत का, बहुजन समाज पार्टी ने एक कार्यक्रम करके यह दिखा दिया कि हाथी अपनी ना तो चाल भूली है और ना ही अपने ताकत को. गुरुवार को जिस रैली पर पूरे प्रदेश की नजर थी, वो रैली थी बसपा सुप्रीमो मायावती का. इस रैली के जरिए मायावती ने विपक्षी पार्टियों को यह एहसास कर दिया कि वह अब भी चुनौती दे सकती है. राजधानी लखनऊ में भारी भीड़ जुटाकर मायावती अपनी ताकत दिखाने में सफल हो गईं. मायावती ने दलितों-अति पिछड़ों का साथ पाने में जुटे दूसरे दलों के लिए चुनौती दे दी है. भीड़ के जरिए मायावती ने बताया दिया कि उनका कॉडर यानी कि उनका वोट खिसकने वाला नहीं है और उनके साथ खड़ा है. अपनी इस रैली में मायवाती दलित के साथ-साथ मुसलमान मतादाओं को भी साधने की कोशिश की है. यानी की कुल मिलाकर अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले को फेल करने में मायावती लग गई हैं.
दलित वोटों का बंटवारा रोकने की कोशिश
बसपा सुप्रीमो मायावती यह बखूबी जानती है कि पिछले कुछ चुनावों से जो दलित-महादलित वोट बंट रहे हैं, अगर वो रुक जाएं तो बसपा को आगामी चुनावों में सीधा फायदा होगा. यही वजह थी कि मायावती रैली के मंच से लोगों को बार-बार समझाने की कोशिश कर रही थीं की सपा और कांग्रेस हाथों में संविधान लेकर आरक्षण बचाने का नाटक कर रही है. आरक्षण के असली विरोधी यही दोनों पार्टियां हैं.यानी कि अब मायावती अपने दलित वोटबैंक को अपने पास ही रखना चाहती हैं. इसीलिए अखिलेश के पीडीए को धोखा बता दिया.
मुसलमान आए तो फिर रास्ता सीधा…
बसपा सुप्रीमो यह बात भी बखूबी जानती हैं कि अगर दलित के साथ-साथ मुसलमान वोट भी आ जाएं तो सरकार बनाने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी. हालांकि मायावती की इस कोशिश से केवल बसपा को ही नहीं भाजपा को भी फायदा हो सकता है. मायावती ने गुरुवार की रैली में बार-बार मुसलमानों को भी लुभाने की कोशिश की. सरकार आने पर उनके हितों की रक्षा की बात कहकर मायावती ने मंच से मुसलमानों को संदेश देने की कोशिश की. यानी कि ये कहने में बिल्कुल भी गुरेज नहीं करना चाहिए की अगर कुछ फीसदी भी मुस्लिम मतदाता बसपा की तरफ खिसक गए तो सपा-कांग्रेस के लिए मुश्किल हो जाएगी.
सपा पर गरम, बीजेपी पर नरम
मायावती की इस रैली में भारतीय जनता पार्टी के प्रति रुख नरम दिखा. एक बार बसपा सुप्रीमो ने खुद सीएम योगी की तारीफ की. सीएम योगी की तारीफ उन्होंने कांशीराम पार्क के रख-रखाव को लेकर किया. साथ ही उन्होंने अपनी तुलना सीएम योगी से भी की. उन्होंने कहा कि मैं भी इन्हीं की तरह सख्त थीं.
Prashant Rai is a seasoned journalist with over seven years of extensive experience in the media industry. Having honed his skills at some of the most respected news outlets, including ETV Bharat, Amar Ujala, a…और पढ़ें
Prashant Rai is a seasoned journalist with over seven years of extensive experience in the media industry. Having honed his skills at some of the most respected news outlets, including ETV Bharat, Amar Ujala, a… और पढ़ें
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।Location :
Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
October 10, 2025, 19:09 IST
बबुआ के PDA का, बुआ ने निकाल ली तोड़, मायावती की चुनावी माया में फंसे अखिलेश!



